October 24, 2021

राष्ट्रकवि दिनकर ने हिंदी साहित्य को नई ऊंचाइयों दी एवं राष्ट्रीय चेतना का सृजन किया..उप मुख्यमंत्री*

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पटना _राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार के उप मुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि राष्ट्रकवि दिनकर ने हिंदी साहित्य को नई ऊंचाइयों प्रदान की तथा अपने कविताओं और काव्य के माध्यम से देश में राष्ट्रीय चेतना का सृजन किया। हम उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए सादर नमन करते हैं।
      उन्होंने कहा कि दिनकर किसी व्यक्ति के मूल्यांकन के लिए उसके वंश से नहीं, बल्कि उसकी प्रतिभा, आचरण और कर्म  के आधार पर करने के पक्षधर थे।
        उप मुख्यमंत्री ने कहा कि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ को उनकी उत्कृष्ट रचनाओं के लिए ज्ञानपीठ, साहित्य अकादमी सहित कई उत्कृष्ट पुरस्कार से नवाजा गया। वे राज्यसभा के सदस्य रहे। उन्होंने कहा कि दिनकर स्वभाव से सौम्य और मृदुभाषी थे, लेकिन सत्ता के इर्द-गिर्द रहते हुए भी जब भी  देश के हित-अहित की बात आयी, तो वे बेबाक टिप्पणी करने से कभी कतराते नहीं थे।
       उन्होंने कहा कि दिनकर आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। वे जन-जन के कवि थे। उनकी कविताओँ में राष्ट्रीयता और जन-पक्षधरता का स्वर स्पष्ट दिखता है। उन्होंने कहा कि दिनकर के राजनीतिक विचारों को किसी एक खांचे में डालकर नहीं देखा जा सकता।अलग- अलग विचारधारा के लोग यदि
उनके साहित्य का अध्ययन करें, तो शायद उन सबको थोड़ी-थोड़ी रोशनी मिल सकेगी। उनके विचार व्यावहारिक थे, समयानुकूल थे। दिनकर के लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि था।
       उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौर में जहां मानवता दांव पर है, ऐसी परिस्थितियों में दिनकर की कविताएं हमें प्रेरणा देती हैं तथा अनुप्राणित करती हैं।
       इस अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े बिहार विधानसभा के माननीय अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा, श्री नीरज कुमार, प्रोफेसर श्रीकांत सिंह सहित कई कवि, लेखकों एवं विद्वान वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के दौरान डॉ० विजय राम रतन, डॉ० मिथिलेश प्रसाद, श्री सुभाष चंद्र इत्यादि अन्य गणमान्य लेखक, साहित्यकार और प्रबुद्ध वक्तागण उपस्थित थे।
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