May 21, 2022

शराब तस्करी के लिए शेफ कॉरिडोर बनता जा रहा है कटिहार के रेलवे मनिया हॉल्ट ।

1 min read

जंक्शन से महज 06 किलोमीटर पहले लगभग प्रतिदिन बंगाल से आने वाले ट्रेनों से शराब के बड़ी खेप की ढुलाई होता है, अधिकतर समय तो स्लो स्पीड कर चलती ट्रेन से ही शराब की खेप को उतार लिया जाता है और कभी कभी मनिया स्टेशन से कुछ आगे पीछे बंगाल से आने वाले ट्रेनों को रोक कर तस्कर अपने कैरियर के माध्यम से शराब को उतारकर ढुलाई करवा लेते हैं,शराब तस्करों के रैकेट काफी मजबूत है और खासकर अपराध जगत के साथ खाकी और खादी के संरक्षण के कारण शराब माफिया ओर भी दबंग बन गया हैं हालांकि स्थानीय लोग कई बार इस रैकेट का विरोध भी कर चुके हैं मगर प्रशासनिक सहयोग नहीं मिलने से इस पर बहुत हद तक अंकुश नहीं लग पाया है,हम लोगो ने सरकार के शराबबंदी अभियान को लेकर अपनी पत्रकारिता की जिम्मेदारी को निर्वाह करते हुए बंगाल से सटे बॉर्डर वाले जिलों में ट्रेन से किस तरह शराब तस्करी जारी है, इन तस्वीरों को कैद कर सच्चाई सामने लाने की कोशिश किया है, जहां शराब तस्करो के कारनामा देख कर जिला में बैठे उत्पाद विभाग के अधिकारी भी दांतो तले उंगली दबाते हुए इस पर बड़ी कार्रवाई का भरोसा दे रहे हैं, उत्पाद अधीक्षक ने कहा कि इसे लेकर रेलवे प्रशासन से भी बातचीत कर विशेष रणनीति बनाया जाएगा, उम्मीद यह किया जाना चाहिए कि जिस तरह से शराबबंदी के बाद भी बिहार के कई जिलों में जहरीली शराब की चर्चा और संदेहास्पद मौत की खबर कई जिले से सुर्खियों में बना हुआ है, ऐसे में शराब तस्करी के गढ़ कहे जाने वाले मनिया स्टेशन और बंगाल से आने वाले ट्रेनों में विशेष निगरानी होनी चाहिए ताकि शराब तस्करी के इस कॉरिडोर पर लगाम लग सके।

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.