October 24, 2021

कार्डियो और न्यूरो से जुड़े मरीजों को अब कटिहार मेडिकल कॉलेज में मिलेगा इलाज*

*कोई गलती या लापरवाही पर जैसे किसी व्यक्ति या संस्था पर आरोप लगाते हैं वैसे ही कुछ अच्छाई पर वैसे व्यक्ति या संस्था का सराहना भी कीजिए क्योंकि आपके द्वारा लगाया गया आरोप और आपके द्वारा किया गया सराहना आम जनमानस के लिए बेहद मायने रखता है***
*कार्डियो और न्यूरो से जुड़े मरीजों को अब कटिहार मेडिकल कॉलेज में मिलेगा इलाज*
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कटिहार *न्यूज़ 18* संवाददाता का ये निजी विचार है।
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कटिहार मेडिकल कॉलेज से जुड़े एक पॉजिटिव एक्सपीरियंस आपसे साझा कर रहे हैं, वैसे तो कोरोना काल के दौरान पूरे भारत के स्वास्थ्य व्यवस्था पर कई सवाल उठते रहा है और कई लोग कटिहार मेडिकल कॉलेज के व्यवस्था पर भी इस दौरान सवाल उठाए हैं मगर मैं उस बात पर जाना नहीं चाहता हूं निश्चित तौर पर पूरे भारत में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर जो भी लोग कहीं भी परेशान हुए हैं उस पर सवाल तो उठाना ही चाहिए लेकिन कटिहार मेडिकल कॉलेज में हाल के दिनों में मेरे एक मित्र के पत्नी बीमार होने पर उसे इलाज हेतु ले गया तो पता चला कि कटिहार मेडिकल कॉलेज में भी कार्डियो और न्यूरो से जुड़े नई व्यवस्था का शुरुआत हुआ है, मेरे मित्र के पत्नी की परेशानी वैक्सीन लेने के बाद से ही सांस लेने में कुछ दिक्कत होने से जुड़ा हुआ था मेडिकली अज्ञानता के कारण हम लोग भी इसे कार्डियो प्रॉब्लम समझने लगे मगर जब कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर शिलादित्य सर से मिले तो वह कुछ मामूली जांच के बाद बता दिया कि यह कोई कार्डियो प्रॉब्लम है ही नहीं, हम लोग भी कुछ शंका के साथ आगे बाहर बड़े शहरों में देखवा लेने पर विचार करने लगे, क्योंकि परेशानी काफी जटिल था(स्नेहा) मेरे मित्र की पत्नी को सांस लेने में काफी तकलीफ हो रहा था और धड़कन भी स्वभाविक से तेज था,इस बीच मन मारते हुए भी कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर शिलादित्य सर के सलाह पर हम लोगों ने कटिहार मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग से संपर्क किया क्योंकि कार्डियोलॉजिस्ट आशंका जता रहे थे यह परेशानी कान से जुड़ा हुआ हो सकता है, हम लोग मेडिकल कॉलेज के ही ईएनटी विभाग से संपर्क किया उस दिन किसी कारण से ईएनटी के प्रमुख डॉ शमशेर सर उपलब्ध नहीं थे मगर उनके टेलिफोनिक मार्गदर्शन में अन्य डॉक्टर ने तत्काल कुछ इलाज उपलब्ध करवाया और दो दिन बाद है सर की मौजूदगी में आने की सलाह दिया,उनके सलाह के अनुसार फिर हम लोग दो दिन बाद कुछ राहत मिलने से उम्मीद के साथ कटिहार मेडिकल कॉलेज ईएनटी विभाग के प्रमुख डॉ शमशेर सर के पास पहुंचे आश्चर्य कहे या जादू  कुछ मामूली एक्सरसाइज के बाद लग 7 दिनों से परेशान मरीज कुछ ही घंटों में पूरी तरह ठीक हो गया है और डॉक्टर शमशेर सर ने जिस तरह से मरीज के मन से वैक्सीन को लेकर भ्रम को हटाया वो तो काबिले तारीफ था, हां डॉ  साहब ने यह भी कहा कि यह अजीब तरह की बीमारी है, यह आजीवन फिर से नहीं होगा इसका कोई गारंटी नही है,छह महीना, साल भर या 10 साल में ऐसा फिर हो सकता है,इस से बचाव के लिए उन्होंने कुछ दवा के साथ कुछ चीजों में परहेज करने की सलाह दिया… कुल मिलाकर एक बात तो साफ है मृत्युलोक में मौत एक सच है और किसी के साथ कही भी अनहोनी हो सकता है, हम यह भी मान लेते हैं इलाज में लापरवाही या गलती भी एक सच लेकिन मुझे लगता है जैसे कोई भी गलती या लापरवाही पर हम लोग कोई भी संस्था पर आरोप लगाते हैं उसी तरह अगर संभव हो तो उस संस्था से अगर कोई अच्छा काम हुआ है उसे भी साझा करे तो कई लोगों को लाभ भी मिल सकता है क्योंकि हम लोगों के द्वारा फैलाए गए नकारात्मक विचार के कारण कई लोग ऐसे संस्थाओं के बारे में पहले से ही नकारात्मक सोच बना लेते हैं, जिस कारण बेहतर इलाज के बावजूद मानसिक रूप से हम लोग संतुष्ट नहीं हो पाते हैं, खैर यह सब मेरा निजी विचार है और मैंने जो देखा,जो पाया उसके आधार पर सिर्फ सच को बयां कर रहा हूं,मैं कटिहार का एक अदनासा पत्रकार हूं मगर जांच परख कर ही कोई बात को रखने का है पक्षधर हूं हो सकता है आपका विचार मुझसे न मिले लेकिन फिर एक बात जरूर कहेंगे कि कुछ अच्छा हो तो उसे भी साझा करना चाहिए और हा इस मामले में कटिहार मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरो ने बेहतर कार्य किया है,उसके लिए एक सैल्यूट तो बनता है।
(लेखक__कटिहार “न्यूज़ 18 संवाददाता” सुब्रत ने इसे निजी एक्सपीरियंस और विचार के आधार पर लिखे है)
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