कटिहार अतिथि गृह में पूर्व विधायक शकील अहमद खान की प्रेस वार्ता, बोले—बिहार-कटिहार में विकास ठप्प, कांग्रेस में गुटबाजी से संगठन कमजोर
कटिहार जिला अतिथि गृह में कांग्रेस के पूर्व विधायक शकील अहमद खान ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बिहार की राजनीति, कटिहार के विकास की धीमी गति और कांग्रेस संगठन के अंदर चल रही गुटबाजी को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राज्य सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में विकास की रफ्तार बेहद धीमी हो चुकी है, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है।
प्रेस वार्ता के दौरान शकील अहमद खान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि बिहार में जब चुनाव हुआ था तब नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री चेहरा बनाकर चुनाव लड़ा गया, लेकिन बाद में बीजेपी और जेडीयू के बीच ऐसा राजनीतिक खेल हुआ कि नीतीश कुमार को सीधे राज्यसभा भेज दिया गया। उन्होंने इसे बिहार के इतिहास में पहली बार होने वाली घटना बताते हुए कहा कि किसी मुख्यमंत्री को इस तरह राज्यसभा जाना पड़ा, यह जनता के साथ विश्वासघात है।
पूर्व विधायक ने सम्राट चौधरी को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि वह उन्हें बधाई देते हैं कि अब वे बिहार को चलाएं, लेकिन उनका दावा है कि वे बिहार को सही तरीके से चला नहीं पाएंगे। उन्होंने कहा कि बिहार और खासकर कटिहार में विकास का पहिया रुक गया है। यहां रोजगार के अवसर नहीं हैं, उद्योग नहीं हैं और मजदूरों को मजबूरी में पलायन करना पड़ रहा है।
शकील अहमद खान ने कटिहार के जनप्रतिनिधियों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि चाहे विधायक हो या सांसद, किसी भी पार्टी का हो, उन्हें यह देखना चाहिए कि उनके क्षेत्र में विकास हो रहा है या नहीं। कटिहार में विकास पूरी तरह ठप्प पड़ा हुआ है। कदवा विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पहले सड़कों, पुल-पुलिया के निर्माण कार्य चल रहे थे, लेकिन अब वे भी रुक चुके हैं। ऐसे में जनता परेशान है और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि मौन हैं।
कांग्रेस संगठन के अंदर चल रही गुटबाजी पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि कटिहार कांग्रेस को कमजोर करने की साजिश की जा रही है। कुछ लोग अपनी “दुकान” चलाने के लिए संगठन को नुकसान पहुंचा रहे हैं और खुलेआम बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी का अंदरूनी मामला मीडिया में लाकर संगठन की छवि खराब करना गलत है। ऐसे लोगों को चाहिए कि वे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से बात करें, न कि सार्वजनिक मंचों पर विवाद बढ़ाएं।
वहीं बंगाल चुनाव को लेकर भी उन्होंने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि SIR के नाम पर चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची से नाम काटे जा रहे हैं ताकि भाजपा को फायदा मिल सके। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसी परिस्थितियों के खिलाफ हमेशा आंदोलन करती रही है, चुनाव भी लड़ती है और लंबे समय तक संघर्ष भी करती है।
प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने कहा कि जनता के मुद्दों को लेकर कांग्रेस लगातार आवाज उठाती रहेगी और विकास तथा लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।




