डीसीएलआर पर लगे आरोपों को लेकर जिला प्रशासन सख्त, तीन सदस्यीय जांच टीम गठित
कटिहार जिले के प्रशासनिक महकमे में डीसीएलआर शशांक वर्णवाल पर लगाए गए आरोपों को लेकर हलचल तेज हो गई है। स्थानीय लोगों की ओर से लगातार मिल रही शिकायतों और हाल ही में प्रभारी मंत्री के क्षेत्रीय दौरे के दौरान ग्रामीणों द्वारा किए गए विरोध के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम का गठन किया है।
बताया गया कि प्रभारी मंत्री के क्षेत्रीय दौरे के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने डीसीएलआर की कार्यशैली को लेकर कई गंभीर शिकायतें और आरोप सामने रखे थे। ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराते हुए संबंधित अधिकारी की कार्यप्रणाली की जांच की मांग की थी। इसके अलावा डीसीएलआर के खिलाफ पूर्व से भी कुछ शिकायतें जिला प्रशासन को प्राप्त होने की बात सामने आई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने शिकायतों की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। इस जांच टीम की अध्यक्षता अपर समाहर्ता (लोक शिकायत) करेंगे। टीम शिकायतों, आरोपों और संबंधित तथ्यों की बारीकी से जांच करेगी तथा आवश्यक दस्तावेजों और संबंधित पक्षों के बयान भी लिए जा सकते हैं।
जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाली रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या नियमों की अनदेखी सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन की ओर से जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरा करने की बात कही गई है। फिलहाल तीन सदस्यीय जांच टीम के गठन के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब सभी की नजर जांच कमेटी की रिपोर्ट पर टिकी है, जिसके आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।



