मानवता की मिसाल बने यातायात अधिकारी दिनेश कुमार, फुटपाथ पर रहने वाले जरूरतमंदों को अपने हाथों से करा रहे भोजन
कटिहार: पुलिस की छवि आमतौर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध पर नियंत्रण रखने वाले विभाग के रूप में देखी जाती है, लेकिन कटिहार यातायात विभाग में पदस्थापित वरीय पुलिस अधिकारी दिनेश कुमार अपनी संवेदनशीलता, सेवा-भाव और मानवता के कारण लोगों के बीच एक अलग पहचान बना चुके हैं। उनके कार्यों की चर्चा आज केवल पुलिस महकमे तक सीमित नहीं है, बल्कि आम जनता के दिलों में भी उन्होंने विशेष स्थान बना लिया है।
दिनेश कुमार अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निर्वहन करते हैं। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के साथ-साथ वे समाज के उन लोगों की भी चिंता करते हैं, जिन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। गरीब, लाचार, बेसहारा और फुटपाथ पर जीवन यापन करने वाले लोगों के प्रति उनका विशेष लगाव और संवेदनशील व्यवहार उन्हें एक अलग पहचान देता है।
वे समय-समय पर स्वयं जरूरतमंदों के बीच पहुंचकर अपने हाथों से शुद्ध एवं ताजा भोजन और पेयजल वितरित करते हैं। भोजन कराते समय उनके चेहरे पर सेवा और संतोष की जो भावना दिखाई देती है, वह लोगों के दिलों को छू जाती है। इतना ही नहीं, वे जरूरतमंदों से आत्मीयता के साथ बातचीत भी करते हैं और उन्हें यह भरोसा दिलाते हैं कि भविष्य में भी वे उनकी मदद के लिए आते रहेंगे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आज के समय में जहां अधिकांश लोग अपनी व्यस्त जिंदगी में दूसरों की तकलीफों को नजरअंदाज कर देते हैं, वहीं दिनेश कुमार जैसे अधिकारी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनका मानना है कि पुलिस का काम केवल कानून लागू करना ही नहीं, बल्कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद लोगों का सहारा बनना भी है।
दिनेश कुमार की इस मानवीय पहल की शहरभर में सराहना हो रही है। सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने उनके इस सेवा-कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे अधिकारी पुलिस विभाग की सकारात्मक छवि को मजबूत करते हैं। उनकी निस्वार्थ सेवा यह संदेश देती है कि यदि हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों की मदद करे, तो समाज में मानवता और आपसी सहयोग की भावना और अधिक मजबूत होगी।
कटिहार में दिनेश कुमार का यह सेवा-भाव लोगों के लिए प्रेरणा बन गया है। वे यह साबित कर रहे हैं कि एक सच्चा अधिकारी वही है, जो अपने कर्तव्यों के साथ-साथ इंसानियत की जिम्मेदारी भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाए।



