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एक्सपायरी दवाएं खुले में फेंकी, स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुली
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  • 2025-12-02 18:33:32
  • सैयद शादाब आलम

एक्सपायरी दवाएं खुले में फेंकी, स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुली

कटिहार सदर अस्पताल में दवा प्रबंधन की लापरवाही ने एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। अस्पताल परिसर स्थित एएनएम हॉस्टल और दवा स्टोर के बाहर बड़ी मात्रा में एक्सपायरी सरकारी दवाइयाँ कचरे की तरह खुले में फेंकी मिलीं। ओपीडी एवं इमरजेंसी में उपयोग होने वाली टेबलेट, सिरप, इंजेक्शन, कैन्युला, पट्टियाँ समेत मेडिकल सामग्री जमीन पर बिखरी पड़ी थी।


दवाइयों की मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी तिथि 2018, 2021 और 2022 की मिली यानी वर्षों तक स्टॉक वेरिफिकेशन और डिस्पोजल प्रक्रिया को ठंडे बस्ते में डाला गया। नियम के मुताबिक एक्सपायर दवाइयाँ केवल अधिकृत टीम की निगरानी में नष्ट की जा सकती हैं, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने प्रोटोकॉल की खुली धज्जियाँ उड़ाते हुए उन्हें खुले में फेंक दिया।


विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि मेडिकल वेस्ट का ऐसा निपटारा बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट के नियमों का सीधा उल्लंघन है और संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ाता है। प्राथमिक अनुमान के अनुसार लाखों रुपये की सरकारी दवाइयाँ बर्बाद की गई हैं।


फिलहाल सदर अस्पताल उपाधीक्षक आशा कुमारी ने कहा है कि दवाइयाँ एक्सपायर हैं और दवा स्टोर रूम के पास ही रखी गई हैं। दवाइयों को रखने की पर्याप्त जगह नहीं है, इसलिए एक्सपायर स्टॉक वहीं रखा गया है। विभाग को कई बार लिखा गया, लेकिन अभी तक उठाव नहीं हुआ है। सिविल सर्जन और डीआई के माध्यम से सिनर्जी एजेंसी आएगी और इन्हें भागलपुर ले जाकर डिस्पोज करेगी।


लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या मामला हमेशा की तरह रफा-दफा होगा। इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर किया है और यह सवाल उठाया है कि आखिर कब तक ऐसी लापरवाही चलेगी।