पूर्व डिप्टी सीएम सह कटिहार सदर विधायक तारकिशोर प्रसाद ने इसपर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और राजद पर करारा हमला बोला
14 दिसंबर को दिल्ली में आयोजित होने वाली कांग्रेस की वोट चोरी के मुद्दे पर हो रही रैली के जवाब में बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सह कटिहार सदर विधायक तारकिशोर प्रसाद ने इसपर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और राजद पर करारा हमला बोला है,उहोंने कहा है भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को जिस प्रकार से राजद ने ग्राफ किया है वो हताशा के है,क्योंकि उनकी सीटें काफी कम हो गई और स्वाभाविक है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस बिल्कुल अब मृत होने के कगार पर बिहार में आ गया है तो स्वाभाविक है कि इस तरह की बातें होती रहती है और भारत निर्वाचन आयोग ने निश्चित तौर पर जिस निष्पक्ष भाव से चुनाव कराया है उसे वैश्विक स्तर पर भी लोगो ने प्रशंसा की है और भारत निर्वाचन आयोग को अब राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रशंसा हो रही है,इसलिए ये हताशा की परिभाषा है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस दिशा विहीन हो गई है इसका कारण है कि उनके नेता है उनको पता ही नहीं हैं कि इस विषय पर किस प्रकार बोलना है। राष्ट्रीय जनता दल और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के जो नेता है चुनाव के समय या जब सत्र चलता है तो ये छुट्टी मनाने चले जाते है तो भारत और बिहार की जनता सब देख रही है कि ऐसे नेता जो बिहार की या देश की चिंता नहीं कर विदेश में छुट्टी मनाने भागते है ऐसे नेतृत्व को भारत या बिहार की जनता या मतदाता कभी स्वीकार नहीं करेगी।
तारकिशोर प्रसाद न कहा कि बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और देश में पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत की तरफ जाने का संकल्प लिया है हम लोग उस संकल्प यात्रा के प्रतीक है और आने वाले दिनों में बेहतर भारत और बेहतर बिहार का निर्माण करेगी इसका संकल्प लिया है।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और राजद न किया संकल्प लिया है आप समझ ही रहे है कि वो दिशाविहीन है जिसका न कोई लक्ष्य है और ना कोई कार्यक्रम और न ही कोई सोच है तो स्वाभाविक हैं को बिहार की जनता परिपक्व है,बिहार के मतदाता सारी चीजों को समझते है,दोनो की कार्यशैली में अंतर को भी समझते है,इसलिए लगातार चुनाव में ऐसे दल को बिहार की जनता नकार रहे है।
अतिक्रमण पर बुलडोजर एक्शन पर उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कारवाई लगातार प्रशासन के द्वारा चलती रही है,जहां तक बुलडोजर एक्शन का सवाल है बुलडोजर एक स्टूमेंट है कभी कभी अतिक्रमण हटाने के लिए इसका उपयोग किया जाता है जो माननीय न्यायालय के आदेश के अनुसार होता है। साथ ही जहां तक भूमिहीन और अतिक्रमण का सवाल है शहर और ग्रामीण इलाके में दोनों के अलग अलग नियम बने हुए है। शहरी क्षेत्र में नगर विकास विभाग द्वारा दो मंजिला इमारत को चिन्हित कर देने का देने का प्रावधान है तो वही ग्रामीण इलाको में बासगीत पर्चा देकर उन्हें बसाया जाता है जिसमें भारत सरकार का सहयोग प्राप्त होता है ,धीरे धीरे सब ठीक हो जाएगा




