बांग्लादेश में हिंदुओं की टारगेट किलिंग शर्मनाक, केंद्र सरकार सख्त कदम उठाए : तारिक अनवर
कटिहार। दो दिवसीय कटिहार दौरे पर पहुंचे सांसद तारिक अनवर ने बांग्लादेश में हिंदुओं की कथित टारगेट किलिंग को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, शर्मनाक और निंदनीय बताते हुए केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से तत्काल और सख्त कदम उठाने की मांग की। सांसद ने कहा कि जिस बांग्लादेश के निर्माण में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका रही हो, वहां इस तरह से अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं को निशाना बनाना पूरे क्षेत्र के लिए चिंता का विषय है। भारत को इस मामले में सिर्फ बयानबाजी नहीं, बल्कि ठोस कूटनीतिक कार्रवाई करनी चाहिए ताकि वहां रह रहे अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
सांसद तारिक अनवर ने इस दौरान केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के हालिया बयान पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक केंद्रीय मंत्री द्वारा यह कहना कि डीएम को कहकर किसी प्रत्याशी को जिताया गया, बेहद गंभीर और चिंताजनक है। इतने महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर रहते हुए इस तरह की बातें करना लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि किस तरह प्रभाव, प्रशासन और सत्ता का दुरुपयोग कर चुनावी नतीजों को प्रभावित किया गया।
तारिक अनवर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी लगातार यह कहते आ रहे हैं कि चुनावों में वोट चोरी हो रही है। कहीं पैसे के बल पर वोट खरीदे जा रहे हैं, कहीं दबाव और प्रभाव का इस्तेमाल हो रहा है, तो कहीं प्रशासन और चुनाव आयोग तक के दुरुपयोग के आरोप लग रहे हैं। अब केंद्रीय मंत्री के इस बयान से यह साबित हो रहा है कि विपक्ष जो आरोप लगा रहा था, उसमें सच्चाई है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
हिजाब विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद ने कहा कि नुसरत द्वारा अस्पताल ज्वाइन न करना उनका व्यक्तिगत फैसला है, लेकिन यह भी सच है कि वह पूरे घटनाक्रम से दुखी, डरी हुई और खौफजदा हैं। जिस तरह से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सार्वजनिक मंच पर उनके साथ व्यवहार किया और हिजाब हटाने की कोशिश की, उससे न सिर्फ महिला की भावनाएं आहत हुईं, बल्कि बिहार की छवि को भी ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि इस घटना की देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में निंदा हो रही है।
तारिक अनवर ने कहा कि भारत विविधताओं वाला देश है, जहां अलग-अलग परंपराओं, पहनावे और आस्थाओं को मानने वाले लोग रहते हैं। ऐसे देश में यदि मुख्यमंत्री स्तर का नेता इस तरह का व्यवहार करता है, तो यह बेहद चिंताजनक और शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं देश की गंगा-जमुनी तहजीब और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करती हैं।




