कटिहार मेडिकल कॉलेज में क्लिनिकल डर्मेटोलॉजी एवं डर्मेटोसर्जरी पर सफल कार्यशाला व सीएमई का आयोजन
कटिहार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, कटिहार में दिनांक 8 फरवरी 2025 को क्लिनिकल डर्मेटोलॉजी एवं डर्मेटोसर्जरी: हैंड्स-ऑन वर्कशॉप एवं सीएमई का भव्य एवं अत्यंत सफल आयोजन किया गया। यह शैक्षणिक कार्यक्रम विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. सीबा हुसैन के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का उद्देश्य स्नातकोत्तर छात्रों एवं चिकित्सकों को त्वचा रोगों एवं डर्मेटोसर्जरी के नवीनतम व्यावहारिक एवं अकादमिक पहलुओं से अवगत कराना था। देश के विभिन्न प्रतिष्ठित त्वचा रोग विशेषज्ञों ने इसमें भाग लिया और अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 9:00 बजे से 11:30 बजे तक आयोजित हैंड्स-ऑन वर्कशॉप से हुई। इस सत्र में
थियर्श ग्राफ्टिंग एवं एनसीएमटी वर्कशॉप का संचालन डॉ. आश्मिता सिंह, डॉ. अभिषेक कुमार झा एवं डॉ. विकास शंकर द्वारा किया गया। वहीं बोटॉक्स वर्कशॉप का सफल संचालन डॉ. आर. आर. मधुकर एवं डॉ. पंकज कुमार ने किया, जिसमें प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
इसके पश्चात 11:30 बजे से 2:00 बजे तक लंबी केस प्रस्तुति एवं पैनल चर्चा का आयोजन किया गया।
पहले सत्र में वेसिकुलोबुलस विकारों पर चर्चा हुई, जिसकी मॉडरेशन डॉ. श्रीपर्णा देब ने की। पैनल में डॉ. अदिति स्नेहल, डॉ. के. के. झा, डॉ. पी. सी. दास एवं डॉ. पियूष कुमार शामिल रहे।
दूसरे सत्र में कुष्ठ रोग (लेप्रोसी) पर गहन चर्चा की गई। इस सत्र की मॉडरेटर डॉ. स्वेतलीना प्रधान रहीं, जबकि पैनल में डॉ. नेहा अग्रवाल, डॉ. पी. के. रॉय, डॉ. पल्लवी कश्यप, डॉ. रजनीश कुमार एवं डॉ. रवि कुमार ने अपने विचार रखे।
तीसरे सत्र में यौन संचारित रोगों (STD) पर विस्तृत पैनल चर्चा आयोजित की गई, जिसकी मॉडरेटर डॉ. शिवानी शेखर रहीं। पैनल में डॉ. भावेश रजक, डॉ. मो. मुबारक हुसैन, डॉ. प्रेरणा झा एवं डॉ. पंकज कुमार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता दिखाई और विशेषज्ञों से प्रत्यक्ष संवाद का लाभ प्राप्त किया। समापन अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. सीबा हुसैन ने सभी अतिथि वक्ताओं, आयोजकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक आयोजन छात्रों के समग्र विकास एवं बेहतर रोगी सेवा के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
कार्यक्रम की सफलता ने कटिहार मेडिकल कॉलेज को क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक उत्कृष्टता के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में पुनः स्थापित किया।




