एनएच-31 डूमर चौक पर ट्रेड यूनियन का प्रदर्शन
अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन, किसान सभा एवं छात्र-नौजवान संगठनों के बैनर तले आहूत राष्ट्रव्यापी बंद का असर गुरुवार को कटिहार जिला के राष्ट्रीय राजमार्ग–31 स्थित डूमर चौक पर व्यापक रूप से देखने को मिला। सुबह करीब आठ बजे से ही प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर उतरकर जाम लगा दिया, जिससे वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप हो गया। लगभग दो घंटे तक एनएच पर यातायात बाधित रहा और गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं।
मौके पर पोठिया थाना के पुअनि डोली कुमारी, पुअनि दिलीप कुमार सहित बिहार पुलिस के जवान मौजूद रहे। पुलिस पदाधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर शांतिपूर्ण तरीके से जाम हटवाया, जिसके बाद यातायात पुनः सामान्य हो सका।
बंद के समर्थन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर कामरेड दिनेश प्रसाद यादव, कामरेड दिनेश लाल मंडल, मजदूर यूनियन के लक्ष्मण मंडल, विनय कुमार सिंह, कामरेड शंकर दास, राजेश रविदास, नरेश यादव, राकेश यादव, प्रमोद मलिक, सूरज रविदास, रोहित हरिजन, सुबोध कुमार, रंजीत कुमार, अखिकेश मंडल, शंकर मंडल, नवीन कुमार, अर्जुन यादव, सुरेश राम एवं पवन कुमार यादव सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
ट्रेड यूनियन की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन के दौरान ट्रेड यूनियन नेताओं ने मांग-पत्र जारी करते हुए सरकार से निम्नलिखित मांगें रखीं—
नवंबर 2025 में लागू होने वाली चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड) को तत्काल वापस लिया जाए।
रेलवे जैसे सार्वजनिक संस्थानों में मजदूर संगठनों की मान्यता बहाल की जाए।
राष्ट्रीय श्रम नीति 2025 को वापस लिया जाए।
भारतीय श्रम सम्मेलन को नियमित रूप से बुलाया जाए।
पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए।
किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी सुनिश्चित की जाए।
बढ़ती महंगाई और बाजार मूल्य पर नियंत्रण किया जाए तथा जनविरोधी नीतियां वापस ली जाएं।
बिजली क्षेत्र में 10% एफडीआई (विदेशी निवेश) की नीति वापस ली जाए।
मनरेगा की मजदूरी बढ़ाई जाए तथा कार्य के दिनों में वृद्धि की जाए।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।




