सीमांचल अलग राज्य की चर्चा अफवाह, घुसपैठ पर केंद्र और राज्य दोनों की जिम्मेदारी : ख्वाजा शाहिद
देश के गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बिहार और सीमांचल दौरे के बाद क्षेत्र को अलग राज्य बनाए जाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस मुद्दे पर जनता दल (यूनाइटेड) के बिहार प्रदेश सलाहकार समिति के सदस्य ख्वाजा शाहिद ने स्पष्ट कहा है कि सीमांचल के अलग राज्य की चर्चा पूरी तरह अफवाह है, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ख्वाजा शाहिद ने कहा कि सीमांचल एक संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र है। यहां नेपाल, चीन, बांग्लादेश और भूटान से सटे बॉर्डर हैं। ऐसे में गृह मंत्री का दौरा और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखना स्वाभाविक और आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में कानून-व्यवस्था, सीमा सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार की भूमिका अहम होती है।
घुसपैठ के मुद्दे पर ख्वाजा शाहिद ने बेबाकी से कहा कि इसे लेकर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि घुसपैठ रोकने के लिए गृह मंत्रालय की पहल जरूरी है और यह प्रक्रिया प्रभावी ढंग से लागू होनी चाहिए। गैर-हिंदुस्तानी नागरिकों का अवैध रूप से यहां रहना स्वीकार्य नहीं है, लेकिन इसके लिए ठोस और कानूनी कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि घुसपैठियों को सिर्फ आरोपों के आधार पर नहीं, बल्कि चिन्हित कर, जांच के बाद विधिवत घोषित किया जाना चाहिए कि वे वास्तव में घुसपैठी हैं।
ख्वाजा शाहिद ने आगे कहा कि घुसपैठियों को अलग करने की बात अपने आप में सही है, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती उन्हें कानूनी रूप से सिद्ध करना है। जब तक जांच एजेंसियां पुख्ता सबूतों के साथ किसी को घुसपैठी घोषित नहीं करतीं, तब तक कार्रवाई पर सवाल उठते रहेंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस विषय पर केंद्र और राज्य सरकार—दोनों को समन्वय के साथ काम करना होगा, ताकि सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द भी बना रहे।




