नवरात्र में बरारी की अनूठी पहल: नौ बेटियों को मिला एक दिन का सांकेतिक मुख्य पार्षद बनने का अवसर
बेटियों के आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने की पहल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर मुख्य पार्षद बबीता कुमारी ने शुरू किया अनूठा प्रयास
बरारी (कटिहार)। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर कटिहार जिले की बरारी नगर पंचायत में बेटियों को सशक्त बनाने और उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से एक अनूठी पहल की गई। नगर पंचायत की मुख्य पार्षद बबीता कुमारी ने नवरात्र के नौ दिनों में नौ अलग-अलग कन्याओं को एक-एक दिन के लिए सांकेतिक मुख्य पार्षद की जिम्मेदारी सौंपकर महिला सशक्तीकरण और बालिकाओं के आत्मविश्वास को बढ़ावा देने का संदेश दिया। इस पहल के माध्यम से बेटियों को न केवल नेतृत्व करने का अवसर मिला, बल्कि उन्हें नगर पंचायत के प्रशासनिक कार्यों और आम नागरिकों की समस्याओं को समझने का भी मौका मिला।
इस पहल के तहत जानवी कौशिक ने सांकेतिक मुख्य पार्षद के रूप में जिम्मेदारी संभाली। उनसे पहले निधि सुमन, कशिश चौधरी, दृष्टि भाटिया, निकहत प्रवीण, राधा कुरेन, जिया श्री जायसवाल, सीरत कौर और माही कुमारी को भी एक-एक दिन के लिए सांकेतिक मुख्य पार्षद बनाया गया। इस प्रकार नवरात्र के नौ दिनों में नौ बेटियों को नेतृत्व का अनुभव प्रदान किया गया।
मुख्य पार्षद की कुर्सी पर बैठकर समझीं जिम्मेदारियां
नगर पंचायत कार्यालय में सांकेतिक मुख्य पार्षद बनीं जानवी कौशिक ने कार्यालय के कामकाज को करीब से समझा। इस दौरान उन्होंने आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान को लेकर जानकारी प्राप्त की। उन्होंने लोगों की समस्याओं के जल्द समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन भी दिया।
मुख्य पार्षद की कुर्सी पर बैठकर प्रशासनिक जिम्मेदारियों को समझना जानवी के लिए एक अलग और यादगार अनुभव रहा। इस पहल ने उन्हें यह समझने का अवसर दिया कि नगर पंचायत के माध्यम से आम लोगों की समस्याओं का समाधान किस प्रकार किया जाता है और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारियां क्या होती हैं।
जानवी कौशिक ने इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्य पार्षद बबीता कुमारी के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं को सुनकर उन्हें अच्छा लगा। उन्होंने अन्य बेटियों से भी घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं रहने, आगे बढ़कर समाज के लिए काम करने और अपने कार्यों से देश का नाम रोशन करने की अपील की।
प्रधानमंत्री से प्रेरित होकर आया विचार
मुख्य पार्षद बबीता कुमारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर नई सोच के साथ किए जा रहे कार्यों से प्रेरित होकर उनके मन में यह विचार आया। उन्होंने नवरात्र के दौरान कन्याओं को प्रतीकात्मक रूप से अपने पद की जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय लिया, ताकि बेटियों को नेतृत्व करने, अपनी प्रतिभा पहचानने और समाज के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया जा सके।
उन्होंने इस पहल के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया कि बेटियों को अवसर और प्रोत्साहन मिले तो वे भी प्रशासनिक कार्यों को समझने, निर्णय लेने और सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की क्षमता विकसित कर सकती हैं।
कन्या पूजन के साथ महिला सशक्तीकरण का संदेश
नवरात्र में कन्या पूजन की परंपरा के बीच बरारी नगर पंचायत की यह पहल धार्मिक आस्था को सामाजिक जागरूकता और महिला सशक्तीकरण से जोड़ने का प्रयास है। नौ बेटियों को सांकेतिक मुख्य पार्षद बनाकर उन्हें नेतृत्व का अनुभव देना इस बात को रेखांकित करता है कि बेटियां केवल सम्मान की पात्र नहीं, बल्कि समाज के निर्माण और विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने वाली महत्वपूर्ण शक्ति भी हैं।
बरारी नगर पंचायत की इस पहल के जरिए बेटियों को आगे बढ़ने, आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने और भविष्य में सामाजिक एवं प्रशासनिक क्षेत्र में योगदान देने की प्रेरणा देने का प्रयास किया गया। नवरात्र के अवसर पर शुरू की गई यह पहल बेटियों के सपनों को उड़ान देने और समाज में उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करने का संदेश देती है।



